Header Ads

Seo Services

कुंबले ने कहा- गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध हमेशा के लिए नहीं, स्थिति बदलने पर सबकुछ सामान्य होगा

आईसीसी क्रिकेट समिति के अध्यक्ष अनिल कुंबले ने कहा कि गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश हमेशा के लिए नहीं है। यह अस्थायी है। आने वाले सालों में कोरोनावायरस महामारी पर नियंत्रण पा लिया जाएगा तब सबकुछ सामान्य हो जाएगा। लार के इस्तेमाल से कोरोना का खतरा बना रहता है।

कुंबले ने स्टार स्पोर्ट्स शो क्रिकेट कनेक्टेड में कहा, ‘हमारी प्राथमिक खिलाड़ियों का स्वास्थ्य है। इसी कारण लार का इस्तेमाल न करने की सिफारिश की गई है।’ अब इन सिफारिशों को जून में होने वाली चीफ एग्जीक्यूटिव्स की मीटिंग में रखा जाएगा। वहां इन पर आखिरी फैसला होगा।

‘खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को लेकर जोखिम नहीं ले सकते’
पूर्व भारतीय स्पिनर ने कहा, ‘‘इस प्रस्ताव पर बॉलरों की मिश्रित प्रक्रिया आ रही है। यह सही है कि लार का इस्तेमाल नहीं करने से बॉल ज्यादा स्विंग नहीं करेगी। लेकिन इसके लिए खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को लेकर कोई रिस्क नहीं लिया जा सकता है।’’

वैकल्पिक पदार्थ पर भी चर्चा हुई थी
कुंबले ने लार की जगह मोम का इस्तेमाल किए जाने को लेकर कहा, ‘‘आईसीसी में वैकल्पिक पदार्थ को लेकर चर्चा हुई थी। अगर हम इतिहास को देखें तो पता चलेगा कि हमने हमेशा से ही खेल में बाहरी चीजों की दखलअंदाजी को खत्म करने का काम किया है।’’ उन्होंने 2018 के बॉल टैम्परिंग का उदाहरण देते हुए कहा कि बॉल से छेड़छाड़ करने पर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और कैमरन बैनक्रॉफ्ट पर प्रतिबंध लगाया गया था।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
पूर्व भारतीय स्पिनर और आईसीसी क्रिकेट समिति के अध्यक्ष अनिल कुंबले ने कहा- लार का इस्तेमाल नहीं करने से बॉल ज्यादा स्विंग नहीं करेगी। लेकिन हम खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को लेकर कोई रिस्क नहीं ले सकते। -फाइल फोटो
https://bit.ly/3gh4qyX

from Dainik Bhaskar https://bit.ly/3giIIKP

No comments:

Powered by Blogger.